।। किसानभूम - बुंदेलखंड और किसानी - बुंदेली (बुंदेलखंडी) भासा के बिकास खों समरपत संगठन।। #बुंदेलीबुंदेलखंडआंदोलन #अखंडबुंदेलखंड #बुन्देली #किसानी #BundeliBundelkhandMovement #AkhandBundelkhand #Bundeli #Kisani अगर आप भी अपनी रचनाएँ प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो सम्पर्क करें :- ईमेल : akhandbundelkhand@gmail.com व्हाट्सएप्प : 9569911051 कृपया हमें लाइक, सेयर और फॉलो करें -: फेसबुक : https://facebook.com/akhandbundelkhandmahanpanchyat संपादक :- सतेंद सिंघ किसान (https://twitter.com/kushraaz)
Thursday, July 30, 2020
प्रेरना मिसरा की कबिता
महेस कटारे 'सुगम' कौ कोरोना पे बुंदेली सॉनेट - २
नई सिक्छा नीती - २०२० लागू : छेत्तीय भासन में चलाए जें ई-पाठ्यक्रम....
Wednesday, July 29, 2020
Tuesday, July 28, 2020
सतेंद सिंघ किसान की किसानबादी कबिता – किसान की आबाज
महेस कटारे 'सुगम' कौ बुंदेली सॉनेट
#बुंदेलीसिनेमाकौइतहास
#बुंदेलीसिनेमाकौइतहास
हैजटैगबुंदेलीसिनेमाकौइतहास में हम आप लौक पौंचाएंगे बुंदेली सिनेमा - बुन्देलीबुड सें सम्बन्धित तमाम तथ्य....
हैजटैगबुंदेलीसिनेमाकौइतहास के तहत हम संचार के बिभिन्न माध्यम जैसे - टीबी, रेडिओ, यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टुइटर आदि पर अब पिरसारित बुंदेली सिनेमा सम्बन्धित सामग्री जैसे - फिलमें, नाटक, गाना, समीक्छाएँ और लेख आदि पिरकासित करेंगे ताकि बुंदेली सिनेमा की सारी सामग्री एक जगा संरक्छित हो सके और बुंदेली सिनेमा कौ इतहास लिखो जा सके।
आपकौ अपनो -:
सतेंद सिंघ किसान
(संस्तापक - अखंड बुंदेलखंड महाँपंचयात)
२८ जुलाई २०२०, झाँसी
Sunday, July 26, 2020
जैति जैन 'नूतन' की कबिता - करिया सांप
Saturday, July 25, 2020
बुंदेली रैपर एसबन पीबन टीम कौ रैप गाना - बुलाती है पर जाने का नईं...
सतेंद सिंघ किसान की कबिता - लिख तैं लिख...
महेस कटारे 'सुगम' कीं पाँच गजलें
Friday, July 24, 2020
बुंदेलखंडियन के लानें अखंड बुंदेलखंड काय नईं?
Thursday, July 23, 2020
रज्जू राजा की गजल - ' लॉकडान में सूने रस्ते...'
Wednesday, July 22, 2020
पबन जैन कीं तीन लघुकथाऐं
Tuesday, July 21, 2020
आज की ताजा खबर - बुंदेलखंड क्रांति दल चलाएगो 'लुटेरो बुंदेलखंड छोरो आंदोलन'
ईसुरी कीं पाँच फागें
ऑनलाइन किसानी - बुंदेली पत्तिका 'अखंड बुंदेलखंड - akhandbundelkhand.blogspot.com'
Thursday, July 16, 2020
गुना के किसान परबार खों नियाओ मिलबे और पुलस खों कड़ी सें कड़ी सजा मिलबे...
Tuesday, July 14, 2020
राष्ट्रीय बेबीनार : बुन्देलीभाषा, संस्कृति , साहित्य एवं लोककलाएं
आप औरें नेओते हैंगे....
(आप सादर आमंत्रित हैं..)
हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी, दिल्ली
एवं
बुन्देलखण्ड साहित्य महोत्सव समिति, झाँसी
का संयुक्त आयोजन
एक दिवसीय राष्ट्रीय बेबीनार -:
" बुन्देलीभाषा, संस्कृति , साहित्य एवं लोककलाएं "
रविवार, 19 जुलाई, 2020
पोस्टर साभार : सोसल मीडिया
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जरबो गाँव में रोजीना साफ - सफाई हो...
Monday, July 13, 2020
बुंदेली तकता (#बुंदेलीतकता #Bundelitakta)
Sunday, July 12, 2020
प्रस्तावित अखंड बुंदेलखंड (बुंदेलीभाषी क्षेत्र) में शामिल जिले -:
पिरिसताबित अखंड बुंदेलखंड (बुंदेलीभासी छेत्त) में सामिल जिले
बुंदेली - बुंदेलखंड आंदोलन के उद्देश्य / माँगे -:
Saturday, July 11, 2020
बुंदेलखंड : बिबरन पत्तिका
बुंदेली कौ छेत्त (बुन्देली का क्षेत्र) -
बुंदेली भासा बुंदेलखंड की मुख्य भासा हैगी, जो बुंदेलखंड के इन जिलन में मुख्य रूप सें बोली जाऊत : उ०प० - झाँसी, ललतपुर, जालौन, महोबा, हमीरपुर, बाँदा, चित्तकूट;
म०प० - सागर, टीकमगढ़, निबाई, कटनी, दमोय, पन्ना, छतरपुर, सतना, रीबा, सीदी , सिंगरौली
गबालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सियोपुर, शिबपुरी, गुना, असोकनगर, बिदिसा, रायसेन, हौसंगाबाद, हरदा, नरसिंघपुर, सिबनी, जबलपुर...।
(बुन्देली भाषा बुन्देलखण्ड की मुख्य भाषा है, जो बुन्देलखण्ड के इन जिलों में मुख्य रूप से बोली जाती है : उ०प्र० - झाँसी, ललितपुर, जालौन, महोबा, हमीरपुर, बाँदा, चित्रकूट; म०प्र० - सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, कटनी, दमोह, पन्ना, छतरपुर, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, दतिया, भिण्ड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, होशंगाबाद, हरदा, नरसिंहपुर, सिवनी, जबलपुर...।)
#बुंदेलीबुंदेलखंडआंदोलन
मिसन - बुंदेली भासा कौ इतहास
Thursday, July 9, 2020
बुंदेली - बुंदेलखंड आंदोलन
आज 09 जुलाई 2020 से, अखंड बुंदेलखंड महाँपंचयात (झाँसी, बुंदेलखंड) द्वारा बुंदेली भासा (बुन्देली भाषा) को उसका असली सम्मान दिलाने के लिए और अखंड बुन्देलखण्ड की पहचान और अस्तित्त्व बनाए रखने के लिए
बुंदेली - बुंदेलखंड आंदोलन (#बुंदेलीबुंदेलखंडआंदोलन , #BundeliBundelkhandMovement) चलाया जा रहा है।
जिसके उद्देश्य इस प्रकार हैं -
(१.) हमाई मातृभाषा बुन्देली को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
(२.) बुन्देली को मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र की राजभाषा यानी कार्यालयी भाषा (राजभासा बुंदेली) का दर्जा दिया जाए।
(३.) बुन्देलखण्ड के समस्त शिक्षण संस्थानों में प्राथमिक शिक्षा (प्राइमरी एजुकेशन) से लेकर स्नातक तक बुन्देली भाषा अनिवार्य विषय के तौर पर पढ़ाई जाए और बुन्देली को शिक्षा का माध्यम भी बनाया जाए।
(४.) बुन्देलखण्ड की समस्याओं के समाधान के लिए और बुन्देलखण्ड के चहुँमुखी विकास के लिए अखण्ड बुन्देलखण्ड राज्य का गठन किया जाए।
आप सभी बुंदेलखंडवासियों और बुन्देलीभासी जनों से हाथ जोड़ निवेदन है कि आप बुंदेली - बुंदेलखंड आंदोलन में सहयोगी बनें और अपनी मातृभूमि बुन्देलखण्ड और मातृभाषा बुन्देली के अस्तित्त्व को बनाए रखने लिए डिजिटल क्रान्ति लाएँ। तभी हम सबजनों की पहचान बनी रहेगी।
डिजिटल क्रांति में आप ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया साइट्स जैसे- फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, व्हाट्सएप्प इत्यादि पर अपने विचारों के साथ ये हैशटैग चलाएँ और आंदोलकारियों के विचारों को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
#बुंदेलीबुंदेलखंडआंदोलन #अखंडबुंदेलखंड #बुंदेलखंडलाइव्समैटर #बुन्देली #किसानी #बुन्देलखण्ड
#BundeliBundelkhandMovement #AkhandBundelkhand
#BundelkhandLivesMatter
#Bundeli #Kisani #Bundelkhand
आपका साथी - :
सतेंद सिंघ किसान 'कुशराज झाँसी'
(संस्थापक - अखंड बुंदेलखंड महाँपंचयात)
जरबो गाँव, झाँसी
किसानी भासा - सतेंद सिंघ किसान 'भाईसाब'
जी तरा हिंदी भारत देस की राजभासा है। ओई तरा बुंदेली (बुंदेलखंडी) भी बुंदेलखंड की राजभासा हती और आज अखंड बुंदेलखंड की मुख्य भासा है, जो देबनागरी लिपी में ही लिखी जाऊत। आज के टैम बुंदेली सबसें जादां गाँओ - देहात में किसान बोलत हैं और रोजीना के कामकाज में पिरयोग करत हैं, ऐइसें हम बुंदेली खों 'किसानी भासा' कैत हैं। हम चाऊत के बुंदेली खों 'किसानी भासा' ही कओ जाए और ईको मानकीकरन करकें राजकाज और सिच्छा (शिक्षा) की भासा बना दई जाए, जीसें किसानभूम बुंदेलखंड कौ चौतरफा बिकास हो सके।
भासा की सबसे जादां जौन जरूरी इकाई है, बा हैगी - 'बरन' और बरनन कौ समूय है - बरनमाला।
ऐइसें किसानी भासा की बरनमाला यी तरा हैगी।
यीमें भी हिंदी और अंग्रेजी (इंगलस) की तरा सोअर (स्वर - Vowels) और बियंजन (व्यंजन - Consonants) होत हैं। यीमें हिंदी की तरा सँयुक्त बियंजन नईं होत। हिंदी की तरा मातराएं (मात्राएँ) भी होत हैं।
सोअर - अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अ:।
बियंजन - क, ख, ग, घ,
च, छ, ज, झ, ट, ठ, ड, ढ,
त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म
य, र, ल,
स, ह ।
किसानी की मातराएं यी तरा हैं -
बरन, मातरा कौ चिन्न और ऊसें बनाबे बाय सब्द :
अ (...) - क - कल्ल
आ (ा)- का - कक्का
इ (ि)- कि – किताब
ई (ी) – की -कील
उ (ु) - कु – कुत्ता
ऊ (ू) - कू - कूटनीत
ए (े) - के – केला
ऐ (ै) - कै – कैसो
ओ (ो) - को - कोयल
औ (ौ)- कौ - कौसल
अं (ं) - अं - अंक
अः (ः) अः - अतः
किसानी खों जैसो लिखो जात, बैसेई पढो जात।
✒️ सतेंद सिंघ किसान 'भाईसाब'
(झाँसी बुंदेलखंड) ८/७/२०२०
अखंड बुंदेलखंड महाँपंचयात कौ परचय...
अखंड बुंदेलखंड महाँपंचयात (झाँसी बुंदेलखंड) किसानभूम - बुंदेलखंड और किसानी - बुंदेली (बुंदेलखंडी) भासा के बिकास खों समरपत संगठन हैगो। जीके संचालक - सतेंद सिंघ किसान 'भाईसाब' हैं। जिनको बास्तबिक नाओ
'गिरजासंकर कुसबाहा' हैगो। जिनने दिल्ली के हंसराज कालेज, दिल्ली बिस्यबिद्यालय सें बी०ए० हिन्दी (बिसेस) की डिग्री ली है। जे हिन्दी में 'कुशराज झाँसी' उपनाओ सें लिखत हैंगे और किसानी - बुंदेली में सतेंद सिंघ किसान 'भाईसाब' नाओ सें।
आप सबसें हांत जोरकें निबेदन है के आप भी फिर सें अखंड बुंदेलखंड बनाबे में सैयोगी बनें और अपने बुन्देली संसकिरती, भासा और समाज खों लैकें जागरूक होएं तबई आप सब की पैचान बनी रे और हमाए बुंदेलखंड की भी।
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