Thursday, July 9, 2020

बुंदेली - बुंदेलखंड आंदोलन


आज 09 जुलाई 2020 से, अखंड बुंदेलखंड महाँपंचयात (झाँसी, बुंदेलखंड) द्वारा बुंदेली भासा (बुन्देली भाषा) को उसका असली सम्मान दिलाने के लिए और अखंड बुन्देलखण्ड की पहचान और अस्तित्त्व बनाए रखने के लिए
बुंदेली - बुंदेलखंड आंदोलन (#बुंदेलीबुंदेलखंडआंदोलन , #BundeliBundelkhandMovement) चलाया जा रहा है।

जिसके उद्देश्य इस प्रकार हैं -

(१.) हमाई मातृभाषा बुन्देली को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
(२.) बुन्देली को मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र की राजभाषा यानी कार्यालयी भाषा (राजभासा बुंदेली) का दर्जा दिया जाए।
(३.) बुन्देलखण्ड के समस्त शिक्षण संस्थानों में प्राथमिक शिक्षा (प्राइमरी एजुकेशन) से लेकर स्नातक तक बुन्देली भाषा अनिवार्य विषय के तौर पर पढ़ाई जाए और बुन्देली को शिक्षा का माध्यम भी बनाया जाए।
(४.) बुन्देलखण्ड की समस्याओं के समाधान के लिए और बुन्देलखण्ड के चहुँमुखी विकास के लिए अखण्ड बुन्देलखण्ड राज्य का गठन किया जाए।

आप सभी बुंदेलखंडवासियों और बुन्देलीभासी जनों से हाथ जोड़ निवेदन है कि आप बुंदेली - बुंदेलखंड आंदोलन में सहयोगी बनें और अपनी मातृभूमि बुन्देलखण्ड और मातृभाषा बुन्देली के अस्तित्त्व को बनाए रखने लिए डिजिटल क्रान्ति लाएँ। तभी हम सबजनों की पहचान बनी रहेगी।

डिजिटल क्रांति में आप ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया साइट्स जैसे- फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, व्हाट्सएप्प इत्यादि पर अपने विचारों के साथ ये हैशटैग चलाएँ और आंदोलकारियों के विचारों को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

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आपका साथी - :
सतेंद सिंघ किसान 'कुशराज झाँसी'
(संस्थापक - अखंड बुंदेलखंड महाँपंचयात)
जरबो गाँव, झाँसी


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