Thursday, July 23, 2020

रज्जू राजा की गजल - ' लॉकडान में सूने रस्ते...'





लॉकडान की बिचित्त परस्थितियंन दिखाती रज्जू राजा की गजल - ' लॉकडान   में   सूने    रस्ते...'


लॉकडान   में   सूने    रस्ते।
बंद  डरे   बच्चन  के   बस्ते।।
दूने   दाम   बिकत    है   दारू।
और बिधायक मिल रये सस्ते।।
      घर   में   बंद   डरे    मजूर।
      छोटे    बेपारी  भए  मजबूर।।
      कलाकार की कार बिग गई।
      दो पईसा  खाँ  फिरत तरसते।।
करजा में गए डूब  किसान।
बरसत ना बादर भगबान।।
जो  नेता  बादे  कर  रए ते।
दूरई सें अब  करत नमस्ते।।
        रैली   आप   करत  श्रीमान।
        हम निकरे सो भओ चालान।।
        "रज्जू"  जौ  कानून  अनोखौ।
        जी  में  केबल  निर्धन फसते।।
****************************
****************************


✒️ रज्जू राजा
(बुंदेली लोककलाकार, डायरेक्टर - गुंजन एनजीओ)
नौगांओं छतरपुर, बुंदेलखंड
(भासा : किसानी - बुंदेली, रचना - रूप :  गजल)


कमेन्ट करके जरूर बताएँ कि आपको कैसी लगीं बुंदेली रचनाएँ...
अगर आप भी अपनी रचनाएँ प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो सम्पर्क करें :- 
 ईमेल : akhandbundelkhand@gmail.com
व्हाट्सएप्प : 9569911051
कृपया हमें लाइक, सेयर और फॉलो करें -:
फेसबुक : https://facebook.com/akhandbundelkhandmahanpanchyat
इंस्टाग्राम : https://instagram.com/akhadbundelkhandmahanpanchyat
ट्विटर : https://twitter.com/Akhandbundelkh1
संस्थापक - संपादक :- सतेंद सिंघ किसान ( https://twitter.com/kushraaz )



#अखंडबुंदेलखंडपत्तिका #समकालीनबुंदेलीरचनाकार #गजल #बुंदेलीबुंदेलखंडआंदोलन #अखंडबुंदेलखंड #बुंदेलखंडलाइव्समैटर #बुन्देली #किसानी #बुन्देलखण्ड #मिसनबुंदेलीभासाकौइतहास #मिशनबुन्देलीभाषाकाइतिहास
#AkhandbundelkhandMagazine #Gazal
#BundeliBundelkhandMovement #AkhandBundelkhand
#BundelkhandLivesMatter
#Bundeli #Kisani #Bundelkhand #MissionHistoryOfBundeliLanguage




1 comment: